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You will be shocked to know ‘these’ 7 things of the earth | पृथ्वी के ‘ये’ 7 बाते जानकर आप चौक जाओगे…

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You will be shocked to know ‘these’ 7 things of the earth…

दोस्तों, क्या आपको पता है की, दिन और रात क्यों होती है? आपका यही जवाब रहेगा सूरज निकालता इसीलिए दिन होता है और सूरज डूबता है इसीलिए रात होती है. लेकिन क्या आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारन पता है? नहीं तो आपके लिए ये पोस्ट एकदम सही है.

हम इस पोस्ट में आपको हमारे पृथ्वी के बारे में याने हमारे धरती के बारे में जानकारी देंगे. धरती हमारे सौरमंडल में ऐसा एकमेव ग्रह है जिसमे जिव रहते है. लेकिन आपको हमारे धरती के बारे में सबकुछ नहीं पता. तो चलिए अब हम हमारे धरती के बारे में 7 मजेदार (Interesting) फैक्ट्स जान लेते है.

Fact No 1 :

पृथ्वी याने हमारी धरती सौरमंडल में सूरज से तीसरा ग्रह है. ये एकमेव ऐसा ग्रह है, जिसमे वातावरण, ऑक्सीजन, पानी, जमीन, और जीवन पाया जाता है. जीवन के लिए आवश्यक सभी चीजे सही मात्रा में धरती पे उपलब्ध है. पर आपको पता है की हमारी धरती सूरज से कितनी दूर है? ये जानकर आप जरूर चौक जाओगे, हमारी धरती सूरज से 147 मिलियन किलोमीटर है.

Fact No 2 :

अगर पृथ्वी के आकार(Size) की बात करे तो हमारी धरती हमारे सौरमंडल में पाचवे नंबर पे आती है. हमारे सौरमंडल में सबसे पहले बढ़ा ग्रह है गुरु, शनि, युरेनस, नेप्च्यून और उसके बाद पाचवे नंबर पर हमारी धरती आती है. धरती याने पृथ्वी का व्यास (Diameter) तकरीबन 13 हजार किलोमीटर इतना है. आपने किसी को भी पूछा की धरती कैसी है? तो उसका यही जवाब रहेगा, धरती गोल है. धरती सच में गोल है क्या दोस्तों? नहीं, धरती गोल नहीं अंडे के आकार जैसी है. याने Elliptical Shape जैसी होती है.

Fact No 3 :

दिन और रात क्यों होती है?

आपको ये तो पता होगा की हमारी धरती घूमती है. धरती जब गोल घूमती है, तब वह घूमते घूमते सूरज को एक परिक्रमा भी पूरी करती है. परिक्रमा का स्पष्टीकरण देना हो तो सूरज को एक पूरी चक्कर लगाती है. जब पृथ्वी अपने खुद के अक्ष (Axis) में घूमती है, तब पृथ्वी का आधा हिस्सा सूरज के तरफ रहता है और आधा हिस्सा अँधेरे के तरफ रहता है.

जो हिस्सा सूरज के तरफ रहता है, उस हिस्से में सूरज की रोशनी पड़ती है और वहा उजाला रहता है, जिसे हम दिन कहते है. और दूसरा भाग जो अँधेरे में रहता है, उसे हम रात कहते है. इसी तरह धरती घूमती रहती है और दिन और रात होती है.

पृथ्वी को अपने खुद के Axis में एक पूरी परिक्रमा करने के लिए लगभग 24 घंटे लगते है. और Exactly वक्त देखे तो 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकण्ड लगते है.

Fact No 4 :

वैसे आपको तो अब पता चल गया है की पृथ्वी गोल घूमती है, पर हमें वह महसूस क्यों नहीं होता है? तो चलिए इसका भी हम वैज्ञानिक कारन जान लेते है.

नासा के एक रिपोर्ट के अनुसार से हमारी धरती 1670 Km/Hr (किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ़्तार से घूमती है. तो इसे हम एक उदहारण देके समजाये तो, हमारे धरती पे जो सबसे फ़ास्ट ट्रेन है, वह लगभग 400Km/Hr की रफ़्तार से दौड़ती है और उसकी स्पीड के 4 गुना ज्यादा हमारी धरती का स्पीड है. पृथ्वी के घूमने का इतना ज्यादा स्पीड है, तो हमें क्यों न महसूस होता है. उसका वैज्ञानिक कारन ये है की हम धरती के साथ Attach है. सिर्फ हम ही नहीं धरती के साथ Attach है. ये सारी चीजे धरती के साथ Move हो रही है.

अब हम इसका उदाहरण देखेंगे. समजो की आप एक बस में बैठे हो. और बस स्पीड से जा रही है. अगर आप बस बाहर देखोगे तो आपको ये महसूस होगा की बस स्पीड से चल रही है. और बस के अंदर देखोगे तो जो बाकीके प्रवासी है या सीटे देखोगे तो वह आपको स्थिर लगेंगे. क्योकि वह सभी बस के साथ move हो रहे है. इसीलिए आपको ये महसूस नहीं होगा की आप स्पीड में जा रहे हो.

Fact No 5 :

पृथ्वी पर कोई ऐसी भी जगह है, जहा 6 महीने दिन और 6 महीने रात होती है?

जी है दोस्तों, ऐसी भी जगह धरती पर मौजूद है. जहा पर 6 महीने दिन और 6 महीने रात होती है. पृथ्वी जब धरती को प्रदक्षिणा लगाती है, तब वह थोड़ी सी ऊपर के तरफ से एक और झुकी रहती है. जब धरती झुककर घूमती है, तब धरती का उसके उत्तर ध्रुव का भाग 6 महीने के लिए सूरज रोशनी में रहता है. और दक्षिण ध्रुव के भाग में 6 महीने के लिए अँधेरे में रहता है.

Fact No 6 :

हमारे पृथ्वी पे 7 खंड है, जिसके बारे में आपको पता ही होगा. उसमे आशिया, आफ्रिका, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अंटार्टिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप ये 7 खंड है. जो अपनी जगह धीरे धीरे बदल रहे है.

नासा के रिपोर्ट अनुसार कुछ मिलियन्स सालो में ये सातों खंड एक दूजे से जुड़ जायेंगे.

Fact No 7 :

हमारे धरती का वायुमंडल बाकि ग्रहो से एकदम अलग है. ये वायुमंडल हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है. तो चलिए जानते है की इस वायुमंडल में क्या क्या होता है?

हमारे वायुमंडल में 78 प्रतिशत नाइट्रोजन वायु रहता है. 21 प्रतिशत ऑक्सीज़न है और 1 टक्का बाकि के गैसेस है.

नासा के हिसाब से हमारे धरती surface का तापमान 14o सेल्सियस है.

हमारे वायुमंडल में ओझोन का एक थर भी रहता है. जो हमारी धरती को सूरज से निकलने वाले अतिनिल किरणों (Ultravoilet Rays) को शोषित करता है. और हमारे पृथ्वी पर पहुंचने नहीं देता. ये हमारे लिए हानिकारक है.

दोस्तों, हम उम्मीद करते है की आपको धरती के बारे मे ये जानकारी जानकर अच्छा लगा होगा. आप हमें आपको हमारी पोस्ट कैसी लगे ये कमेंट करके बता सकते है.

आपको धरती के बारे में ये Amazing Facts को Visual रूप में भी देख सकते है. निचे की वीडियो जरूर देखे…

Why do we sweat | हमें पसीना क्यों आता है?

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why do we sweat.

दोस्तों, क्या आपको पता है की हमें पसीना(Sweat) क्यों आता है. आप आपके दोस्तों से सवाल पूछोगे तो आपका यही सवाल रहेगा की हमें गर्मी होती है इसीलिए हमें पसीना आता है. क्या आपको पसीना आने के पीछे क्या लॉजिक (विज्ञान) है ये पता है. तो ये पोस्ट आपके लिए बिलकुल सही है. तो चले बिना वक्त (समय) को गवाए हम हमारे टॉपिक के ऊपर आते है. सबसे पहले हम ये जानते है की हमें पसीना क्यों आता है?

हमें पसीना क्यों आता है?

१. जब हमें डर जाते है, तब हमें पसीना आता है.

२. जब हमें कोई स्टेज परफॉर्मन्स पहेली बार देना होता है तभी हमें पसीना आता है.

लेकिन इन सबसे ज्यादा पसीना हमें तब आता है जब हम Exercise कर रह होते है. तो क्यों होता है? इसीलिए हम आपके लिए पसीने से Releated ऐसे 8 Facts आपको बताते है. इनमे हम आपको हमें पसीना क्यों आता है? पसीना कब आता है? और पसीना आने के बाद क्या होता है? और हमें पसिनाही नहीं तो क्या होगा?

FACT NO 1 :

क्या आपको पता है हमारे शरीर का तापमान कितना होता है? हमारे शरीर का साधारण तापमान 37o सेल्सियस होता है. आप आपके शरीर का तापमान नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर चेक कर सकते है. और यह तापमान हमारे शरीर का रहना जरुरी है.

FACT NO 2 :

हमारे शरीर का तापमान 37o सेल्सियस ही क्यों है? वैज्ञानिको (Scientist) के Reserch हिसाब से Fungal Infection की वाढ(Growth) 30o सेल्सियस के निचे है. अगर आपके शरीर का तापमान 30o सेल्सियस के निचे चला गया तो आपके शरीर को Fungal Infection हो जायेगा. Fungal Infection से हमें त्वचारोग (Skin Diesease) जैसी बीमारी होने के Chances बहुत ज्यादा होते है. इन्ही बीमारिसे बचने के लिए हमारे शरीर का तापमान 37o सेल्सियस होता है. सच में हमारे शरीर की रचना के पीछे कोई न कोई कारण होता है.

FACT NO 3 :

हमें पसीना आखिर क्यों आता है? यही तो हमें इस पोस्ट में जानना है.

जैसी की हमें पता है, हमारे शरीर का साधारण तापमान 37o सेल्सियस है. जब हम Exercise करते है, तब हमारे शरीर के अंदर उष्णता(Heat) निर्माण होती है और हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है, तो उसे के लिए हमारा दिमाग(Brain) हमारे शरीर के पसीने की ग्रंथी को सूचित करता है. उस ग्रंथी को हम Sweat Glands कहते है. ये पसीने की ग्रंथी हमारे त्वचा के अंदर मौजूद रहती है और पसीना त्वचा पर मौजूद छोटे छोटे छिद्र (Pores) में से बाहर आता है. और हमारे शरीर को नियंत्रित करता है.

Fact No 4 :

जैसी की हमारा दिमाग पसीने के ग्रंथी सूचना देता है, शरीर का तापमान काम करो. पर आपको पता है की, हमारी शरीर में पसीने की ग्रंथी कितनी होती है. ये जानकर आप चौक जाओगे. हमारे पुरे शरीर के अंदर 30 लाख के आसपास पसीने की ग्रंथी (Sweat Glands) रहती है. और ये सारी ग्रंथिया तब काम करती है, जब हमारे शरीर का तापमान बढ़ता है. और हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करते है.

Fact No 5 :

ये पसीने की ग्रंथी कितना पसीना बनाती है?

एक घंटे के अंदर साधारण मानव का देहोंगे तो ये पसीने ग्रंथी 2 से 4 लीटर पसीना बनाती है. बच्चो में वैसे ये प्रमाण कम मात्रा में होता है. पर बड़े इंसान के अंदर ये 2 से 4 लीटर एक घंटे में पसीना बहाती है.

Fact No 6 :

दुनिया में सबसे ज्यादा पसीना बनानेवाला प्राणी मानव है.

Fact No 7 :

क्या आपको पता है… मानव के अलावा बाकि के अलग अलग प्राणी कैसे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करते है.

A. कुत्ता : मै आपको अब कुत्ते के बारे में बताऊंगा क्या आपको पता है, की कुत्ते अपने शरीर का तापमान कैसे नियंत्रित करते है. आपने किसी भी कुत्ते को पसीना आते हुए कभी देखा नहीं होगा. फिर आप सोच रहे होंगे की ये कुत्ते अपने शरीर का तापमान कैसे नियंत्रित करते है?

दोस्तों, कुत्तो को भी पसीना आता है, पर वह उनके शरीर पर नहीं बल्कि उनके पंजो के उपर आता है. लेकिन वह बहुत ही काम मात्रा में होता है. कुत्ते के शरीर का तापमान हाफने की वजह से कम होता है. वह हाँफते समय गरम हवा बाहर छोड़कर ठंडी हवा अपने शरीर में लेके अपने शरीर का तापमान कम करता है.

B. हाथी : अब हम आपको हाथी अपने शरीर का तापमान को कैसे कम करता है, ये बतायेंगे. दोस्तों, हाथी को पसीना नहीं आता. हाथी अपने शरीर का तापमान कम करने के लिए अलग अलग चीजे करता है. सबसे पहले तो हाथी अपने शरीर का तापमान कम करने के लिए अपने कान को हिलता रहता है. हाथी के कान के अंदर जो खून की नसे होती है. वह गरम खून को शरीर के बाहर याने कान की नसों में लाती है और ठन्डे खून को फिरसे पुरे शरीर में पहुँचती है. उसके अलावा कभी कभी पानी में जाकर हाथी अपनी सूंड से पानी लेकर अपने शरीर पर उसका फव्वारा मारता है.

C. खरगोश : अब हम जान लेते है की, खरगोश अपने शरीर का तापमान को कैसे नियंत्रित करते है? जैसे की आपने खरगोश को देखा होगा तो खरगोश के कान हमेशा ही ऊपर रहते है. दोस्तों इसका भी एक वैज्ञानिक कारन है. खरगोश की कान की रचना भी हाथी जैसी रहती है और हमने आपको हाथी के कान के बारे में ऊपर बता दिया तो अब हम बिना समय गवाए हमारे अगले टॉपिक की ओर बढ़ते है.

Fact No : 8

अगर इंसान को पसीना ही नहीं आता तो?

आपके शरीर से पसीना नहीं आएगा तो आपको “Anhidrosis” नामक बीमारी हो सकती है. इस बीमारी होने के बाद हमारे शरीर पर क्या परिणाम होता है, इसके बारे में अब मै बताता हु. ये बीमारी होने के बाद, आपके शरीर से पसीना बाहर आना बंद होता है. और अपने शरीर का तापमान ज्यादा रहता है. इससे आपको “Heat Stroke” आने के भी Chances भी रहते है. और इतना ही नहीं तो कभी कभी हमारी जान भी जा सकती है.

मैं उम्मीद करता हु की, आपको ये जानकरी समज में आयी होंगी. दोस्तों आपके दोस्तों में जिन जिन लोगो को पसीना आता है उन लोगो को ये पोस्ट जरूर शेअर करे. और जिनको पसीना नहीं आता उनको भी ये पोस्ट जरूर शेअर करो इससे उनको भी पसीना आना हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक है इसकी जानकारी मिलेगी. आपको ये पोस्ट कैसी लगी ये हमें कमेंट करके जरूर बताये.

दोस्तों, आप पसीने की जानकारी वीडियो के रूप में जानना चाहते हो तो ये वीडियो जरूर देखे.

How windmills make electricity | पवनचक्की बिजली को कैसे बनाती हैं

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how windmills make electricity.

दोस्तों आप इस पोस्ट में जानेंगे की पवनचक्की बिजली को कैसे बनाती हैं? सबसे पहले हम हमारे कुछ ऊर्जास्रोत के बारे में जान लेते ही जिससे हमें बिजली मिलती है. क्या आपको पता है की ऊर्जास्रोत के कितने प्रकार है? वैसे तो दो प्रकार ऊर्जास्रोत के ऊर्जास्रोत है. पहला परंपरागत ऊर्जास्रोत और दूसरा नवीकरणीय ऊर्जास्रोत.

ऊर्जास्रोत के प्रकार (Types of Source of Energy)

परंपरागत ऊर्जास्रोत (Conventional Energy Source) :

परंपरागत ऊर्जास्रोत में हमें ऊर्जा कोयला, पेट्रोल, डीजल से मिलती है. और हमारी दिनबदिन बढती Energy Requirement से यह स्त्रोत ख़त्म हो रहे है. सबसे बड़ी बात तो ये सारे स्त्रोतों से हमारे पर्यावरण में भारी मात्रा में प्रदुषण भी फ़ैल रहा है. जिसके कारण हमें कई सारी बीमारियां और समस्याओं का सामना करना पड रहा है. ये सारे समस्या का मानव ने हल भी निकाला है. यानि दूसरा ऊर्जा का स्त्रोत ढूढ़ निकाला है. और वो ये है –

नवीकरणीय ऊर्जास्रोत (Renewable Energy Source) :

यह एक नया ऊर्जास्रोत है की जो धरती पे भारी मात्रा में उपलब्ध हैं. और हमारी सरकार भी हमें Renewable Energy को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए लोगो को प्रोस्ताहित कर रहा है. पर अब आप सोच रहे होंगे की ऐसी ऊर्जा हमें कहा से मिलती है. सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, बायोगैस, जैवईंधन, आदि नवींकरनीय ऊर्जा के स्त्रोत है. तो हम इस पोस्ट में Renewable Energy Source के एक स्त्रोत की पूरी जानकारी लेंगे।

पवन ऊर्जा (Wind Energy) :

इस ऊर्जा के प्रकार में हम हवा से ऊर्जा को बनाते है. अब हमें ये ऊर्जा कौनसे रूप में मिलती है. हमें ये ऊर्जा विद्युत् ऊर्जा (Electricity) के रूप में मिलती है. पर हवा से इलेक्ट्रिसिटी कैसे बनायीं जाती है ये सवाल कई लोगो के मन में आता है. हवा से इलेक्ट्रिसिटी बनाने के लिए हम पवनचक्की (Wind Turbines) का इस्तेमाल करते है. सातवीं सदि में पवनचक्की का इस्तेमाल मक्का पीसने के लिए और पानी खींचने के लिए किया जाता था. व्यावहारिक रूप में पवनचक्की का इस्तेमाल अफगानिस्तान और इरान के बिच के क्षेत्र में किया गया था. तो चलिए अब हम पवनचक्की के कंस्ट्रक्शन के बारे में जानकारी लेते है.

पवनचक्की (Basic Construction Of Wind Turbine) :

Basic Construction Of Wind Turbine image credit. pinterest

आपको पवनचक्की (Wind Turbine) के कंस्ट्रक्शन फोटो देखकर पवनचक्की के बारे में बहुत कुछ समज आया होगा की असल में पवनचक्की के में क्या क्या होता है. तो चलिए हम इसके बारे में अधिक जान लेते है की इसका कौन सा पार्ट कौन सा काम करता है.

१. पवनचक्की के ब्लेड्स (Wind Turbine Blades) :

मैं उम्मीद करता हु की आप सभी ने पवनचक्की को देखा ही होंगा नहीं देखा है तो कोई बात नहीं हमने ऊपर पवनचक्की का फोटो दिया है. आपको उसमे लम्बे लम्बे ब्लेड्स दिख रहे होंगे. असल में ये ब्लेड्स क्या काम करते है ये अब हम जान लेते है. इस ब्लेड्स को हम रोटर ब्लेड्स (Wind Turbine Rotar Blades) भी कहते है. ये रोटर ब्लेड्स पवनचक्की का एक महत्वपूर्ण भाग है जो हवा के साथ घूमता है.

दोस्तों, हमें ये दिखने में तो बहुत ही आसान लगता है की बहती हवा ब्लेड्स को घुमाती है, लेकिन कैसे? आप पवनचक्की के डिज़ाइन को देखेंगे तो आपको पता चलेगा का इनका डिज़ाइन बहुत ही अलग होता है. यह ब्लेड्स का आकार (Shape Of Wind Turbine Rotar Blades) Air Foil तकनीक को ध्यान में रखकर बनाया जाता है. Air Foil shape ऐसा Shape होता है की जो कौनसे भी Fluid यानि की पानी और हवा में Aerodynamic Pose जनरेट करता है. मतलब जब भी Air Foil Shape के ऊपर से हवा बहती है तो वो पत्ते की तरह अपना आकार थोडासा बदल देता है. तो आप को पता चला होगा की ये ब्लेड्स कैसे घूमते है.

Air foil Technique का इस्तेमाल विमानों के wings को डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है.

२. जनरेटर (Generator) :

जनरेटर ऐसा डिवाइस है की जो मेकैनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी (Mechanical Energy To Elecrical Energy) में रूपांतरित करता है. यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन प्रिंसिपल (Electromagnetic Induction Principle) के ऊपर काम करता है. और इलेक्ट्रिसिटी बनाता है. आप जनरेटर के बारे में अधिक जानना चाहते हो तो हमें निचे कमेंट कर सकते है हम जल्द ही उसके ऊपर पोस्ट लिखेंगे.

भारी मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी (Electricity) बनाने के लिए जनरेटर को बहुत ही ज्यादा स्पीड से घुमाना पड़ता है. यह स्पीड लगभग 1800 RPM इतना है. RPM यानि रोटेशन पर मिनट. यह जनरेटर के स्पीड का एकक है. आपने पवनचक्की के ब्लेड्स का स्पीड को देखा होंगा तो वो बहुत ही कम होता है. पवनचक्की के ब्लेड्स का स्पीड लगभग 10-20 RPM इतना है. याने पवनचक्की के ब्लेड्स एक मिनिट में सिर्फ १० से २० बार ही घूमते है. हम इतने कम स्पीड से घूमने वाले ब्लेड्स को सीधा जनरेटर से जोड़ देंगे तो हमें Required Electricity है वह हमें नहीं मिलेंगी. तो यहाँ Gearbox का इस्तेमाल किया जाता है.

३. गियरबॉक्स (Gearbox) :

गियरबॉक्स (Gearbox) को रोटर ब्लेड्स और जनरेटर के बीच में जोड़ा जाता है. गियरबॉक्स का उपयोग गति को कम या ज्यादा करने के लिए किया जाता है. पवनचक्की में ये गियरबॉक्स ब्लेड्स के स्पीड को बढ़ाके जनरेटर के स्पीड को बढ़ाता है. पवनचक्की (Wind Turbine) में इस्तेमाल किये हुए गियर का प्रमाण (Ratio) साधारणतः 90:1 तक होता है. अगर हम गियरबॉक्स को 1 रोटेशन दे तो हमें आउटपुट में 90 रोटेशन मिलेंगे. याने की 90 times स्पीड बढ़ेगा.

दोस्तों, पवनचक्की के ब्लेड्स का स्पीड 20 RPM है, तो जनरेटर 20 * 90 = 1800 RPM के स्पीड से घूमेगा. जनरेटर इतनी स्पीड से घूमता है तो इलेक्ट्रिसिटी का निर्माण होगी. ये तैयार हुई इलेक्ट्रिसिटी को केबल के द्वारा Base की तरफ ट्रान्सफर किया जाता है, जहॉ पर एक ट्रांसफार्मर लगाया जाता है.

४. ट्रांसफार्मर (Step Up Transformer) :

यह एक ऐसा ट्रांसफार्मर है जो Low वोल्टेज को High वोल्टेज(It Converts Low Voltage into High Voltage) में रूपांतरित करता है. और उसका काम उसके नाम के हिसाब से ही इलेक्ट्रिसिटी को ट्रांसफर या डिस्ट्रीब्यूट करना हैं.

५. ब्रेक (Brakes) :

आप के खयाल आया होगा की हमने पहले आपको बताया की जितने ज्यादा स्पीड से ब्लेड्स घूमेंगे उतना ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी तैयार होगी और ये हमारे लिए अच्छा है. पर दोस्तों ये सच है की पवनचक्की में स्पीड को कंट्रोल करने के लिए ब्रेक का उपयोग किया जाता है. Wind Turbine के ब्लेड्स की लंबाई 100 FEET से भी ज्यादा होती हैं. और इतने बड़े ब्लेड्स ज्यादा गति से घूमने लगे तो इन्हे कंट्रोल करना आसान नहीं है. अगर कभी तूफ़ान की वजह से हवा की गती तेज हो जाती है तो ब्लेड्स को भी वह हवा तेज गती से घूमा सकती है. और इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पवनचक्की में ब्रेक लगाए जाते है.

ब्लेड्स का स्पीड निश्चित स्पीड से ज्यादा होता है तो ब्रेक्स ऑटोमैटिक एक्टिवेट होकर ब्लेड्स के स्पीड को कंट्रोल करते है. अगर पवनचक्की का ब्रेक फेल होता है या यदि पवनचक्की में ब्रेक ही नहीं होते तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं.

६. ज्यादा से ज्यादा बनाने के लिए ब्लेड्स का मुँह हवा की तरफ होना बहुत जरुर होता है. लेकिन हवा की दिशा कभी भी बदल सकती है. ब्लेड्स का मुँह हवा के तरफ रहे इसीलिए पवनचक्की में एक खास Arrangement की जाती है. हवा की दिशा को Sense किया जाता है और उसके हिसाब से Wind Turbine को घुमाया जाता है.

पवनचक्की कितनी Electricity बनाती है? How much Electricity Wind Turbines Generates?

दोस्तों, पवनचक्की कितनी इलेक्ट्रिसिटी बनाती है ये Depends करता है की Windmills के साइज पर. Average देखा जाए तो 2.5 – 3 मेगावॉट के Turbines होते हैं. Energy Information Agency के सर्वे में सामने आया की अमेरिका में एक घर में 888 KWH ऊर्जा का इस्तेमाल एक महीने में किया जाता हैं. अगर हम 1.5 मेगावॉट का Wind Turbine लगा देंगे तो 332 घरों की बिजली की जरुरत पूरी कर सकता है.

2020 के एक डाटा अनुसार इनस्टॉल Wind Power के हिसाब से भारत का पुरे विश्व में चौथा नंबर आता है. दोस्तों में उम्मीद करता हूँ की ये आपको ये Information पसंद आयी होगी अगर आपको ये Information Helpful लगी हो तो आपने दोस्तों के साथ में जरूर शेअर करे.

आप को पवनचक्की के बारे में Visual फॉर्म में जानना चाहते हो तो ये वीडियो जरूर देखे –

Search Engine Optimization [SEO] KYA HAI

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क्या आपको पता है SEO क्या? SEO क्या काम करता है? SEO से हमारा क्या फायदे है?

मैं आप सभी को बहुत ही Simple तरीके  से  SEO के बारे में बताऊंगा।

अगर SEO के बारे मैं नहीं जानते है तो ये Article सिर्फ आपके लिए तो चलिए फिर शुरू करते है.

अगर आपको आज के इस Digital युग में अगर आप लोगों के सामने आना चाहते है तो तब आपको Online के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है Online ही केवल एकमात्र जरिया है जो आपको एक साथ करोड़ों लोगों के सामने लाकर खड़ा करता है।

अगर आप चाहे तो आप यहाँ खुद को Video के जरिए भी हो सकते है, या फिर आप चाहे तो अपने Content के जरिए लोगों तक आप अपनी बात को पहुंचा सकते है. लेकिन ऐसा करने के लिए आपको Search Engines Optimization के First Pages में आना होगा क्यूँ के यही वो Pages है जिन्हें Visitors ज्यादा पसंद करते है और Trust भी करते है.

लेकिन यहाँ तक पहुँचना उतना आसान काम नहीं है क्यूंकी इसके लिए आपको अपने Articles को सही ढंग से SEO करना होता है. मतलब की उन्हें सही तरीके से Optimized करना होगा जिससे वो Search Engine में Rank हो सके. और उसकी प्रक्रिया (Process) को ही SEO कहते हैं. वहीं आज के इस Article में हम SEO किसी कहते हैं? SEO क्या काम करता है? SEO से हमारा क्या फायदे है? इन सभी सवालों के जवाब मैं आपको दूंगा.

Blogging की जान

अगर यूं कहे तो Blogging की जान ही है SEO. ऐसा इसीलिए क्यूंकी आप चाहे तो कितनी भी अच्छी Article लिख लें अगर आपकी Article ठीक तरीके से Rank नहीं हुई, तब उस में Traffic आने की संभावनाएं न के बराबर होती है. और ऐसे में Writers की  सारी मेहनत पानी में चली जाती है.

इसलिए अगर आप Blogging को लेकर Serious हैं तो  तब तो आपको SEO Tutorial के विषय में जानकारी जरूर रखनी चाहिए. ऐसा करने से ये बाद में आपके बहुत ही काम में आने वाली हैं. SEO का वैसे कोई Rule नहीं होते हैं, लेकिन ये कुछ Google Algorithms के ऊपर आधारित (Based on) हैं, और वो निरंतर बदलता (Constantly Changing) रेहता है.

और हाँ एक बात का आप ये जरूर ध्यान रखे की कोई यदि आपसे कोई भी ये कहे की वो एक बड़ा SEO Expert in Hindi है. तब उस पर कोई कभी यकीन नहीं करेगा क्यूंकि आज तक कोई भी SEO पर Mastery नहीं कर पाया है.

ये चीज़ है ही ऐसी, और ये समय के साथ-साथ और जरूरत के हिसाब से ये बदलती रहती है. लेकिन फिर भी लेकिन Google SEO Guide के कुछ Fundamentals हैं, जो की हमेशा समान (Always the Same) होते हैं. इसलिए ये जरूरी है की Bloggers हमेशा खुद को New SEO की तकनीक (Technique) से Updated रहें.

इससे आपको Market में चल रहे Trends के बारे में पता होगा ही जिससे आप भी अपने Articles में जरूरी बदलाव ला सकते हैं, जो की बाद में आपको Rank करने में मदद करेंगी.

SEO क्या है? SEO का Full Form क्या है?

सबसे पहले मैं आपको SEO का Full Form बता दूँ SEO का Full Form है “Search Engine Optimization”. SEO या फिर Search Engine Optimization एक ऐसी तकनीक (Technique) है, जिससे हम अपने Page को Search Engine Optimization में Top में ला सकते है.

SEO क्या है और ये कैसे काम करता है?

Search Engine Optimization क्या है? ये हम सभी को अब तक पता चल ही गया है. Google पूरी दुनिया का सबसे Popular Search Engine है. इसके अलावा Bing, Yahoo जैसे और भी Search Engine मौजूद (Present) है. और हम जो है SEO (Search Engine Optimization) के मदद से हम अपने सभी Blog को सभी Search Engine पर No.1 Position पर रख सकते हैं.

जैसे की मान लीजिये हम Google पर जाकर कोई भी Keyword Type कर Search करते हैं, तो उस Keyword से Related जितने भी Content होते हैं वो आपको Google दिखा देता है. और ये जो Content हमे नज़र आते हैं, वो सभी अलग-अलग Blog से आते हैं.

और जो Result हमे सबसे ऊपर दिखाई देता है, वो Google में No.1 Rank पर है. तभी वो सबसे ऊपर अपनी जगह बनाये रखा है. No.1 पर है इसका मतलब ये है की उस Blog में SEO का बहुत अच्छी तरीके से इस्तेमाल किया गया है. जिससे की उसमे ज्यादा Visitors आते है और इसी वझा से वो Blog मशहूर (Famous) हो जाता है।

SEO (Search Engine Optimization) हमारे Blog को Google में No.1 Rank पर लाने के लिए सहायता (Help) करता है. ये तकनीक (Technique) जो है आपके Website को Search Engine Optimization के Search Result पर सबसे ऊपर रख उसमें Visitors की संख्या को बढ़ता है.

आपका Website Search Result में सबसे ऊपर हो तो Internet User सबसे पहले आपको Site में ही Visit करेंगे. जिससे आपके Website में ज्यादा से ज्यादा Traffic होने की संभावना (Chance) बढ़ जाती है, और आपकी Income भी अच्छी होने लगती है. अपने Website पे Organic Traffic बढ़ाने (Enhance) करने के लिए SEO का इस्तेमाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है.

SEO (Search Engine Optimization) Blog के लिए क्यूँ जरूरी है?

On Page SEO कैसे करे?

अब तक आपने जान ही लिया है की SEO (Search Engine Optimization) क्या है, चलिए अब जानते हैं की ये Blog के लिए क्यूँ जरूरी है. अपनी Website को करोड़ों लोगों तक पंहुचाने के लिए हम जो SEO (Search Engine Optimization) का इस्तेमाल करते हैं.

जैसे की उधारण के लिए मान लीजिये मैंने एक Website बना ली उसमे अच्छे से अच्छे High Quality Contents भी Publish कर दिए, लेकिन अगर मैंने SEO का इस्तेमाल नहीं किया तो मेरी Website लोगों तक नहीं पहुँच पायेगी और जो है मेरी Website बनाने का भी कोई भी फायेदा नहीं होगा.

अगर हम जो है SEO (Search Engine Optimization) इस्तेमाल नहीं करेंगे तो जब कभी भी कोई User कोई Keyword Search  करेगा तो आपके Website में उस Keyword से Related अगर कोई Content मौजूद नहीं है तो User आपके Website को Access नहीं कर पायेगा.

क्यूंकि Search Engine हमारे Website को ढूंढ नहीं पायेगा और ना ही हमारे Website के Content को अपने Database पर Store कर पायेगा. जिससे आपके Website में Traffic होना बहुत ही मुश्किल हो जायेगा.

अगर ऐसा देखा जाए तो SEO (Search Engine Optimization) को समझना इतना भी मुश्किल नहीं है. अगर आपने इसे सिख लिए है तो आपने Blog को बहुत ही बेहतर बना सकते हैं, और उसकी Value Search Engine में बढ़ा भी सकते हैं.

SEO (Search Engine Optimization) को सिख लेने के बाद जब आप उसका इस्तेमाल अपने Blog के लिए करते हैं, तो आपको उसका Result तुरंत नहीं दिखेगा इसके लिए आपको धैर्य (Patience) रख कर अपना जो काम है वो करते रेहना होगा. क्यूंकि आप सभी ये बात तो जानते ही है की सब्र का फल मीठा होता है और आपकी मेहनत जो है जरूर दिखेगी.

जैसे की मैं ने आप से पहले ही कह दिया है की कैसे Ranking के लिए और Traffic के लिए SEO (Search Engine Optimization) करना क्यूँ जो है जरूरी बन जाता है. चलिए आप Search Engine Optimization के Importance के विषय (Subject) में और अधिक जानते (Know More) हैं.

SEO का Importance (Seo करना क्यो जरूर है)

  • ज़्यादातर जो Users Internet में Search Engine का इस्तेमाल जो है अपने सवालों के जवाब पाने के लिए करते हैं. ऐसे में वो Search Engine के जरिए दिखाए गए Top Results को ही ज्यादा ध्यान देते हैं. ऐसे में अगर आप भी लोगों के सामने आना चाहते हैं तब आपको भी SEO की मदद लेनी होगी Blog को Rank करने के लिए और Traffic के लिए.
  • SEO (Search Engine Optimization) केवल Search Engines के लिए ही नहीं है, बल्कि SEO Practices के होने से ये User Experience को बढ़ाने में भी मदद करता है और आपके Website के Usability को भी बढ़ता है.

वैसे तो User’s ज़्यादातर Top Results को ही Trust करते हैं, और इससे जो है Website की Trust और बढ़ जाती. इसलिए SEO (Search Engine Optimization) के संदर्भ में जानना बहुत जरूरी होता है.

  • SEO (Search Engine Optimization) आपके Website के Social Promotion के लिए भी बहुत जरूरी होता है. क्यूंकि जो लोग आपके Website को Google जैसे Search Engine में देखते हैं, तब वो ज़्यादातर उन्हें Social Media जैसे की WhatsApp, Yahoo, Facebook, Twitter, Google+, Instagram, etc. में Share जरूर करते हैं.
  • SEO (Search Engine Optimization) किसी भी Website के Traffic को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा (Play an important Role) करता है.
  • SEO (Search Engine Optimization) आपको किसी भी Competition में जरूर आगे रहने में मदद करता है. उधारण के तोर पर जैसे की अगर दो Websites समान चीजें बेच (Sale ​​Similar things) रही हैं, तब जो Website SEO Optimized होती है, वो ज्यादा Customers अपने और खींचती (Pulls) हैं और उनकी जो है Sales भी बढ़ जाती है.

SEO के Types (Types of SEO in Hindi)

SEO (Search Engine Optimization) दो प्रकार (Two Types) के होते हैं, पहला है On Page SEO और दूसरा है Off Page SEO. इन दोनो का काम बिलकुल अलग-अलग होता है चलिए हम इनके बारे में भी जान लेते हैं, ये कैसे काम करते है?

On Page SEO

Off Page SEO

Local SEO

On-Page SEO (Search Engine Optimization)

On Page SEO का काम आपके Blog में होता है. इसका मतलब यह है की अपने Website को अच्छी तरह से Design करना जो SEO को Friendly हो सके.

SEO के Rule को Follow कर अपने Website में Template का इस्तेमाल करना. अच्छे Content लिखना और उनमे अच्छे Keywords का इस्तेमाल करना जो Search Engine में सबसे ज्यादा खोजी जाती है.

Keywords का इस्तेमाल Page में जगह करना जैसे Title, Meta Description, Content में Keyword का इस्तेमाल करना ताकि इससे Google को जानने में आसानी होती है की आपका Content किसके ऊपर लिखा गया है, और जल्दी आपके Website को Google Page पर Rank करने में मदद करता है जिससे आपके Blog की Traffic बढ़ती जाती है.

यहाँ पर कुछ ऐसे Techniques के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से हम अपने Blog या Website को On Page SEO अच्छे तरीके से कर सकते है.

Website Speed: – Website Speed एक बहुत ही महत्वपूर्ण है SEO के दुष्टी से. एक Survey से पता चला है की किसी भी Visitors ज्यादा से ज्यादा 5 से 6 Seconds ही किसी Blog या फिर Website पर रेहता है.

और अगर वो इसी समय के अंदर नहीं खुला तब वो उसे छोड़ किसी दूसरे में Migrate हो जाते है. और ये यही बात Google के लिए भी लागु होती है. क्यूंकि अगर आपका जो Blog है अगर वो जल्दी से नहीं खुला तब एक Negative Signal Google के पास पहुँच जाता है. की ये जो Blog है उतनी अच्छी नहीं है, या ये ज्यादा Fast नहीं है.

मैं कुछ Important Tips दे रहा हूँ जिससे आप अपनी Blog या फिर Website की Speed Fast कर सकते है.

Website की speed बढ़ाने के लिये कुछ ट्रिक्स

  1. सबसे पहले तो Simple और Attractive Theme का इस्तेमाल करें.
  2. और जो है ज्यादा Plugins का इस्तेमाल न करें.
  3. Image की Size कम से कम रखें.
  4. और W3 Total Cache और WP Super Cache Plugins का इस्तेमाल.
  • Website की Navigation

आप अपनी Blog या फिर Website में इधर-उधर जाना आसान होना चाहिए कोई भी Visitors और Google को एक Page से दूसरे Page में जाने में कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।

आप अपनी Website में Title Tag बहुत अच्छा बनाए, जिससे कोई भी Visitors उसे जल्द से जल्द आपके Title पर Click कर देख कर Click करे इससे आपका CTR भी Increase होगा.

Title Tag

कैसे बनायें अच्छे Title Tag?

आप जो है अपने Title में 65 Word से ज्यादा Words का इस्तेमाल न करें क्यूंकि Google 65 Words के बाद Google Searches में Title Tag Show नही करता है.

Post का URL कैसे लिखें?

हमेशा आप अपने Post का URL आप जितना Simple और छोटा हो सकता उतना ही रखें.

Internal Link

ये जो अपने Post को Rank करने के लिए एक बेहतरीन और सबसे अच्छा तरीका है. और इससे जो है आप अपने Related Pages को एक दूसरे के साथ Interlinking भी कर सकते हैं. और इससे आपके सभी Interlinked Pages आसानी से Rank हो सकते हैं.

Alt Tag

आप अपने Website के Post में Images का इस्तेमाल जरूर करें. क्यूंकि Images से आप बहुत सारा Traffic ला सकते हैं, इसिलिए Image को इस्तेमाल करते समय उसमें ALT TAG लगाना ना भूले.

Content, Heading, और Keyword

Content के बारे में जैसे की हम सभी जानते हैं की ये बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है. क्यूंकि Content को King भी कहा जाता है, और जितना अच्छा आपका Content होगा उतना ही अच्छा Website की Valuation होगी. इसलिए कम से कम जो है 800 Words से ज्यादा Words के Content लिखें.

और इससे जो है आप पूरी जानकारी भी दे सकते हैं, और ये SEO के लिए भी अच्छा है. कभी भी किसी दूसरे से Content Copy न करें.

Heading: – आप जो है अपने Article के Headings का ख़ास ध्यान रखना चाहिए क्यूंकि इससे SEO (Search Engine Optimization) पर जो है काफी Impact पड़ता है. और Article का जो Title होता है H1 होता है, और इसके बाद के Sub Headings को आप H2, H3 इत्यादि से नामांकित जो है कर सकते हैं. इसके साथ आप Focus Keyword का जरूर इस्तेमाल करे.

Keyword: – आप Article लिखते समय LSI Keyword का इस्तेमाल करें. इससे आप लोगों के Searches को आसानी से Link कर सकते हैं. इसके साथ Important Keywords को BOLD करें जिससे की Google और Visitors को ये पता चले की ये Keywords हैं. और उनका ध्यान इसके तरफ आकर्षित (Attract) हो जाए.

2. Off Page SEO (Search Engine Optimization)

यह थी कुछ Point On Page SEO (Search Engine Optimization) के बारे में कुछ जानकारी.

चलिए अब देखते है Off Page SEO के बारे में.

Off Page SEO का सारा काम Blog के बाहार का होता है. Off Page SEO में हमे अपने Blog का Promotion करना होता है, जैसे बहुत से Popular Blog में जाकर उनके Article पर Comment करना और अपने Website कर Link Submit करना इसे हम Backlink कहते हैं. Backlink से Website को बहुत ज्यादा फायेदा होता है.

Social Networking Site जैसे Facebook, Twitter पर अपने Website का Attractive Page बनाइये और अपने Followers बढ़इये इससे आपके Website में ज्यादा Visitors बढ़ाने के Chances होते हैं.

और जो बड़े-बड़े Blogs में बहुत ही मशहूर हैं उनके Blog पर Guest Post Submit करिए इससे उनके Blog पे आने वाले Visitors आपको जानने लगेंगे और इससे जो है आपके Website पर Traffic आना शुरू हो जायेगा.

Off Page SEO कैसे करे?

यहाँ पर में आप लोगों को कुछ Off Page SEO Techniques के बारे में बताऊंगा जो की आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी आगे चलकर. पर आप सभी को इन चीजों का खास ध्यान रखना है.

  1. Search Engine Submission: – आप जो है अपनी Website को सही तरीके से सारे Search Engine में Submit करना चाहिए. ये चीज़ का आप ध्यान रखे.
  2. Bookmarking: – अपनी Blog या Website के Page और Post को Bookmarking वाली Website में Submit करना चाहिए.
  3. Directory Submission: – अपनी Blog या फिर Website को Popular High PR वाली Directory में Submit करना चाहिए.
  4. Social Media: – अपनी Blog या फिर Website का Page और Social Media पर Profile बनाना चाहिए और अपनी Website का Link Ad कर दें Like Facebook, Google+, Twitter, LinkedIn etc.
  5. Classified Submission: – Free Classified Website में जाकर आप अपनी Website का Free में Advertise करना चाहिए.
  6. Q & A Site: – आप जो है Question and Answer वाली Website में जाकर जो है कोई भी Question कर सकते हो और अपनी Site का Link भी लगा सकते हैं.
  7. Blog Commenting: – आप जो है अपने Blog से Related Blog पर जाकर जो है उनके Post में Comment भी कर सकते हैं. और अपनी Website का Link लगा सकते हो और जो है Link वहीं लगाना चाहिए जहाँ Website लिखी होती है
  8. PIN: – आप जो है अपनी Website के Image को Pinterest पर Post भी कर सकते हैं यह एक बहुत अच्छा तरीका है, Traffic Increase करने के लिए.
  9. Guest Post: – आप अपनी Website से Related Blog पर जाकर Guest Post कर सकते हैं. यह सबसे अच्छा है जहाँ से आप Do-Follow Link भी ले सकते हैं और वो भी बिलकुल सही तरीके से.

Local SEO क्या है? Local SEO Kya Hai

अक्सर लोग यह पूछते है के Local SEO क्या होता है?

मेरी मानें तो इसका जवाब वहीं इसके सवाल में ही छुपा हुआ होता है.

Local SEO को अगर विसलेशन करें तब ये दो शब्दों का समाहार है Local + SEO. यानि की किसी Local Audience को ध्यान में रखकर किया जाने वाला SEO को Local SEO कहा जाता है.

यह एक ऐसे Technique है जिसमें की आपकी Website या Blog को खास तोर से Optimize किया जाता है जिससे की Search Engine पर बेहतर Rank करे एक Local Audience के लिए.

वैसे तो आप एक Website की मदद से आप पूरे Internet को Target कर सकते हैं, वहीं इसके Address Details को भी साथ में Optimize करना होगा. वहीं इसे कुछ ऐसे तरीके से अपने Website को Optimize करना होगा जिससे की लोगों को केवल Online ही नहीं बल्कि Offline में भी आपको जानने में आसानी हो.

SEO और Internet Marketing में Difference

अब मैं आपको SEO और Internet Marketing में Difference क्या है?

बहुत से लोगों में SEO और Internet Marketing को लेकर बहुत Doubts होते हैं. उन्हें लगता है की ये दोनों समान हैं. लेकिन इसके जवाब में मैं ये कहना चाहता हूँ की SEO एक प्रकार का Tool हैं ये इसे Internet Marketing का एक हिस्सा भी कह सकते हैं. इसके इस्तेमाल से Internet Marketing को कर पाना बहुत ही आसान हो जाता है.

SEO और SEM में क्या अंतर है

अब मैं आप सभी को SEO और SEM में क्या अंतर है?

SEO और SEM में जो मुख्य अंतर है और वो ये की SEO एक महत्वपूर्ण हिस्सा है SEM का. चलिए दोनों ही SEO और SEM के विषय के बारे में जान लेते हैं.

SEO या Search Engine Optimization एक Process है जिसके जरिए एक Blogger अपने Blog या Website को कुछ इस तरह से Optimize करता है की जिससे वो Blog के Articles को Search Engine में Rank कर सकें और वहां से अपने Blog पर Free में Traffic ला सके.

SEM या Search Engine Marketing एक Marketing Process है, जिसके जरिए आप अपने Blog को Search Engines में ज्यादा Visible बना सकते हो जिससे आपको Traffic आना चाहे वो Free Traffic SEO हो या फिर Paid Traffic (Paid Search Advertisement).

SEO का मुख्य उद्देश्य है की आपका Blog / Website ठीक ढंग से Optimize हो सके ताकि Search Engine में Better Ranking प्राप्त कर सके. वहीं SEM से आप SEO की तुलना में ज्यादा चीज़ प्राप्त कर सकते हैं. क्यूंकि ये केवल Free Traffic तक ही सीमित नहीं है बल्कि इस में दूसरे Methods भी शामिल हैं जैसे की PPC Advertising इत्यादि.

SEO के बारे में जानकारी  (SEO ki janakari hindi me)

यदि आपका कोई Blog है या कोई Website है तब तो आपको Basic SEO के बारे में बहुत कुछ पता होगा की ये कैसे काम करता हैं. लेकिन मुझे पता हैं. आप में से ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें की Basic SEO के बारे में भी कोई भी जानकारी नहीं है.

इसिलिए मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण SEO Terms के बारे में जानकारी दे दी जाये जिससे की आपको भी इसके बारे में पता चल सके.

Backlink: – इसके In Link या Simply Link भी कहा जाता है ये जो है एक Hyperlink होता है, किसी दूसरे Website में जो की आपके Website के तरफ इशारा करता है. Backlinks SEO के नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्यूंकि ये किसी भी Webpage की Search Ranking को Directly Influence करता है.

Page Rank: – Page Rank एक Algorithm है जिसे जो है Google इस्तेमाल करता है ये अनुमान लगाने के लिए की Web में कोन-कोन से Relative Important Pages हैं.

Anchor Text: – किसी भी Backlink का Anchor Text में आपका Keyword मौजूद है तब तो ये आपको SEO के दुष्टि से भी काफी मदद करेगा.

Title Tag: – Title Tag मुख्य रूप से किसी भी Web Page का Title होता और ये बहुत ही महत्वपूर्ण Factor है Googles Search Algorithm के लिए.

Meta Tags: – Title Tag जैसे ही Meta Tag का इस्तेमाल से Search Engines को ये पता चलता है की Pages में Content में क्या स्तिथ है.

Search Algorithm: – Googles Search Algorithm की मदद से हम ये पता कर सकते हैं की पूरे Internet में कोन से Web Pages Relevant हैं. लगभग 200 Algorithms काम करती हैं, Google के Search Algorithms में.

SERP: – इसके Full Form हैं Search Engine Results Page. ये Basically उन्हे Pages को Show करता है जो की Google Search Engines के हिसाब से Relevant हों.

Keyword Density: – ये Keyword Density से ये पता चलता है की कितनी बार कोई भी Keyword Article में कितनी बार इस्तेमाल की गयी हैं. Keyword Density SEO की दूष्टी से काफी महत्वपूर्ण है लेकिन अगर कोई Keyword को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाये तो उसे Keyword Stuffing कहते हैं. ये Negative SEO कहलाता हैं. क्यूंकि इससे आपके Blog पर ख़राब असर पड़ता है.

Robots.txt: – ये जायदा कुछ नहीं बस एक File होती है की Domain के Root में रखा जाता है. इसके इस्तेमाल से Search Box को ये सूचित किया जाता है की Website की Structure कैसी है.

Organic और Inorganic Results

Organic और Inorganic Results क्या होते हैं?

SERP (Search Engine Result Page) पर मुख्य रूप से दो तरह की Listings होती हैं. पहला है Organic और दूसरा है Inorganic.

इस मैं Inorganic Listing के लिया हमें Google को पैसे देने होते है. यानि के ये Paid होते हैं. और इस में पैसों का भूकतान करना पड़ता है.

वहीं Organic Listing पूरी तरह से Free होती है यानि की बिना पैसे दिये हम Google के टॉप Page पर भी आ सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले आपको SEO करना होता है.

उम्मीद करता हु की आपको What is SEO in Hindi पोस्ट पसंद आयी होगी।

Artificial Intelligence: एक नई मशीनों की दुनिया

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Artificial Intelligence
(Photo: Pixabay)

क्या आप कृत्रिम बुद्धिमत्ता या फिर Artificial Intelligence-A.I. के बारे मैं कुछ जानते है?ये क्या है? और ये क्या काम करता है? और इससे हमारे लिए क्या फायदे और नुक्सान है?

सबसे पहले तो मैं आप सभी को एक बात बताना चाहता हूँ और वो ये है की जब से Computer का अविष्कार (Invention) हुवा है तब से ही Computer मैं बोहत सारे बदलाव आते गए समय के साथ साथ Computer का भी विक्सित (Developed) होते गया.

आज हमारे लिए Computer के बिना कोई भी काम मुमकिन (Possible) नहीं है. आप खुद भी ये बात जानते है की हम सब मशीनों से कितने घिरे हुवे है. जैसे की आप Computer को ही ले लीजिये अगर हमें किसी कोई Email , Railway Ticket , Airplane Ticket, Movie Ticket, Live Cricket Match, Data Store, etc.

ये सभी काम बिना Computer के मुमकिन नहीं है. जैसे की मैं ने आपसे कहा की, समय के साथ धीरे धीरे Technology Upgrade होती गयी. वैसे ही समय के साथ Laptop भी आ गया और देखते ही देखते आज हमारे हाथ मैं Mobile Technology भी आ गई है, जिसकी मदद से हम किसी से भी कहीं पर भी रह कर बात कर सकते है. Video Call कर सकते है, Message कर सकते है, Paise Transfer कर सकते है.

अब आप खुद ही ये बात सोचिये की जो काम करने के लिए हमें घंटो और महीनो लग जाते थे अब वही काम Technology के जरिए मिनटों मैं हो जाता है. वैसे तो ज्यादा तर हम इन्ही चीज़ों पर Depend रहते है.

अनुक्रम

आपके मन में भी ये सवाल आते होंगे?

आज कल आपने सभी को ये बोलते जरूर सुना होगा की ये Artificial Intelligence-(A.I.) क्या है? और कैसे काम करता है? और आप भी यही सवाल कर रहे होंगे की ये आखिर है क्या? तो आपको परेशां होने की जरुरत नहीं है, मैं आज आपके इस सवाल का जवाब दूंगा तो क्या आप सब तैयार है?तो चलिए फिर शुरू करते है.

दोस्तों अब एक नया नाम सुनने आ रहा है और जिसे सभी लोग Artificial Intelligence-A.I. के नाम से जानते है. और ये जो है इसे Computer Science के जरिए बनाया गया है. और इसका सबसे मुख्य (Main) काम है.

एक ऐसी Intelligent Machine बनाएं जो की एक मनुष्य (Humans) की तरह बुद्धिमान (Intelligent) हो. जिस तरह से मनुष्य खुद के फैसले लेता है वैसे ही ये भी अपने खुद के फैसले (Decision) ले सके. और इसकी सबसे अच्छी बात ये है की इससे हमारे सारे काम आसान हो जाएंगे.

चलिए अब जान लेते है की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) क्या है?

पहले तो मैं आप सभी को A.I. का Full Form बताऊंगा और A.I. का Full Form है, Artificial Intelligence और हिन्दी मैं इसका अर्थ बताऊँ तो कृत्रिम होशियारी या फिर कृत्रिम दिमाग है। ये जो है एक ऐसा Simulation है। जिससे की मशीनों (Machines) को इंसानी Human Intelligence दिया गया है।

और वैसे तो यूं भी कहा जाता है की Artificial Intelligence के दिमाग की उननत (Advanced) कि गई है की उस इंसानों की तरह ही सोच कर काम कर सके. पर आपने यह बात पर जो है गौर किया होगा की ये सिर्फ खास कर के Computer System मैं ही किया जाता है।

ये काम करने मैं तीन Processes शामिल होते है। और सबसे पहला है

१. “Learning” जिस मैं मशीनों (Machines) के जो दिमाग (Brain) होते है. और उन मैं Information डाली जाती है, और उन्हें जो है कुछ Rules सिखाये जाते है। जिससे की वो उन Rules को पालन कर के कोई दिये हूए काम को पूरा कर सके.

२. “Reasoning” और इन मशीनों के अंदर ये Instruction Add किया जाता है की वो उन बनाए गए Rules का पालन करके Results की तरह जो है अग्रसर (Forward) हो सके. और उन्हे जो है Approximate या फिर Definite Conclusion मिल सके।

३. “Self-Correction” अगर हम Artificial Intelligence-A.I. की Particular Application की बात करे तो इस मैं जो है Expert System Recognition और Machine Vision भी शामिल है। Artificial Intelligence-A.I. को कुछ इस तरह से बनाया गया है की वो इंसानों की तरह ही सोच सके कैसे कोई भी इंसानी दिमाग किसी भी Problem को सबसे पहले सीखता है, और फिर उसे वो Process करता है.

और फिर उसके बाद Decide करता है. क्या करना सही होगा और उसे कैसे Solve करे, यही चीज़ें हम सोचते है. तो उसी तरह से Artificial Intelligence-A.I. मैं भी मशीनों (Machines) को भी इंसानी दिमाग (Human Mind) की सारी विशेषताएँ (Features) दी गयी है जिसे की वो बेहतर काम (Better Work) कर सके.

Artificial Intelligence का इतिहास क्या हैं?

अब मैं आपको एक जरूरी बात बताऊंगा की Artificial Intelligence-A.I. के बारे मैं सबसे पहले John McCarthy ने ही दुनिया को बताया था. और वह एक American Computer Scientist थे, जिनहोने सबसे पहले इस Technology के बारे मैं सन 1956 मैं Dartmouth Conference मैं बताया। और ये Technology बोहत बड़ी है। जिस मैं हर दिन नए नए विशेषताएँ (Features Update) होती रहती हैं।  

और जो है सभी Robotics Process Automation से Actual Robotics तक सभी की सभी चीजें इसके अंतर्गत (Under) आती है। वैसे अगर देखा जाए तो विगत (The Past) ने कुछ वर्षों (Few Years) मैं बोहत ज्यादा Publicity Gain करली है.

क्यूँ के इस मैं गौर करने वाली बात ये भी है की यह जो है इस मैं Big Data की Technology भी शामिल है. और दिन ब दिन इनकी बढ़ती हुई Speed, Size, और Variety of Data Business से बोहत से Companies इस Technology को अपनाना चाहती है।

अगर मैं Artificial Intelligence-A.I. की बात करूँ तो इसकी मदद से Raw Data मैं Pattern को Identify करना काफी आसान हो गया है। वहीं इंसानों के जरिए बोहत गलतियाँ होती है, और इससे Companies को कम वक़्त मैं अपने Data के उपर ज्यादा Insight प्रताप करनी होती है.

अब मैं आप सभी को Artificial Intelligence (A.I.) की Philosophy के बारे मैं बताऊंगा.

जब मनुष्य Computer System की जो है असली ताकत ढूंढ रहा था तब उस समय मनुष्य की इच्छा ने उसे यह सोचने मैं मदद की के “क्या Machine भी हमारी ही तरह सोच सकती है? जैसे हम काम करते है वैसे ही Machine भी काम कर सकते है क्या? और जो काम करने मैं इंसान को मुश्किल आती है वो काम Machine कर सके?” और इसी तरह से ही Artificial Intelligence (A.I.) की Development की शुरुवात हुई. जिसका सिर्फ और सिर्फ एक ही उद्देश्य था की वो एक ऐसी Artificial Intelligence (A.I.) की सारंचना (Structure) की जाए की इंसानों की ही तरह बुद्धिमान (Intelligent) हो और इंसानों की ही तरह सोच (Thought) सके।

अब मैं आपको Artificial Intelligence (A.I.) के लक्ष्य (Aim) के बारे मैं बताऊंगा.

Expert System बनाना – कुछ ऐसे Systems को बनाना जो की Intelligent Behaviour प्रदर्शन (Display) कर सके, जो की सबसे जरूरी बात तो यह की वो Learn कर सके, और Demonstrate Explain और इसके ही साथ वो अपने Users को Advice भी कर सके।

इस मैं हमें ये समजना जरूरी है की एक ऐसा Human Intelligence को Machines मैं Implement करना जो की ऐसा Systems बना सके जो की इंसानों की ही तरह समज सके, सोच सके, सीख सके, बोल सके, और Behave कर सके।

अब मैं आप सभी को Artificial Intelligence (A.I.) Technique क्या है? इसके बारे मैं बताऊंगा.

आप सभी को भी यह बात तो पता है की अगर हम Real World की बात करें तो तब भी ज्ञानकी कुछ अजीबो जरीब विशेषताएं है जैसे की.

1. इसकी Volume बोहत ज्यादा होते है, या फिर ऐसा कहे तो अकल्पनीय (Unimaginable) है.

2. ये जो है पूरी तरह से Well-Organized ओर Well-Formatted नहीं है.

3. और इसके साथ साथ ये निरंतर (Continuous) बदलता रेहता है.

और अब बात आती है की Artificial Intelligence A.I. Technique क्या है. तो मैं आप सभी को यह बता दूँ की Artificial Technique A.I. एक ऐसा Technique हैं जिससे हम ज्ञान या फिर Knowledge को ऐसे Organized मैं रखेंगे की जैसे हम इसका इस्तेमाल बोहत हे Efficiently कर सकते है। जैसे की अगर मैं आपको बताऊँ तो

1. ये पढ़ने और समझाने मैं योग्य होना चाहिए जो लोग इसे Provide करते है.

2. ये आसानी से Modify करने योग्य होना चाहिए जिससे की इसकी Error को आसानी से सुधार जा सके.

3. ये बोहत से जगहों मैं Useful होना चाहिए हालाँकि ये Incomplete और Inaccurate हो.

Artificial Intelligence (A.I.) Techniques को अगर कोई Complex Programs के साथ Equip किया जाए तो, उसकी Speed of Execution को बोहत हद तक बड़ाया जा सकता है।

अब मै आपको Artificial Intelligence (A.I.) के अलग अलग प्रकार के बारे मैं बताऊंगा.

वैसे तो Artificial Intelligence (A.I.) को सिर्फ एक ही नहीं ऐसे बोहत से प्रकारों मैं Divide किया गया है. लेकिन उन मैं से जो सबसे ज्यादा मुख्य (Main) है वो है

1) Weak A.I.

2) Strong A.I.

चलिए सबसे से पहले Weak AI के बारे मैं जानते है.

Weak Artificial Intelligence A.I. को वैसे तो Narrow Artificial Intelligence A.I. भी कहा जाता है, इन Weak Artificial Intelligence A.I. System को कुछ इस तरह प्रकार (Type) से Design किया गया है. की ये जो है सिर्फ एक दिए गए Particular Task को ही कर सके. जैसे की उदाहरण के तोर पर इन मैं से VPA  (Virtual Personal Assistants) जैसे कि Apple’s Siri Weak Artificial Intelligence A.I. का बोहत बड़ा उदहारण है.

चलिए सबसे से पहले Strong Artificial Intelligence A.I. के बारे मैं जानते है.

इस प्रकार (Type) के Artificial Intelligence A.I. को General Artificial Intelligence भी कहा जाता है. इस प्रकार के Artificial Intelligence A.I. System मैं सामान्यीकृत (Generalized) मनुष्य की बुद्धिमता (Human Intelligence) होती है, जिससे की वक़्त आने पर ये अगर इसे कोई भी Difficult सा Task अगर दिया जाये तो ये जो है उसका Solution आसानी से निकाल सके. और जो है Turing Test को Mathematician Alan Turing के जरिए सन 1950 मैं Develop किया गया था. और इसका इस्तेमाल ये जानने के लिए किया गया था की क्या Computers भी जो है इंसानों की तरह सोच (Thought) सकते है की नहीं.

Arend Hintze जो कि एक Assistant Professor भी है of Integrative Biology and Computer Science and Engineering, Michigan State University में. उन्होंने ही Artificial Intelligence A.I. को चार हिस्सों (Four Parts) में Categorize किया है जो कि कुछ इस तरह है.

Artificial Intelligence A.I. को चार प्रकार

Limited Memory: – इस प्रकार के Artificial Intelligence A.I. System अपने Past Experiences को इस्तेमाल कर अपने Future Decisions को तय करते हैं। कुछ Decision-Making Functions को कि Autonomous Vehicles मैं इस्तेमाल किये जाते हैं.

उन्हें इसी प्रकार से Design किया गया है. ऐसे ही Observations को इस्तेमाल कर भविष (Future) मैं होने वाले हादसों को कुछ हद तक रोका जा सकता है, जैसे कि Car को दूसरे Lane मैं Change करना. ये Observations Permanently Store नहीं होते।

Reactive Machines: – इसका एक उदहारण यह है की Deep Blue जो कि एक IBM Chess Program है जिसने Garry Kasparov को सन 1990s में हराया था. Deep Blue को कुछ इस तरह से Design किया गया है की ये Chess Board के Pieces को Identify कर सकता है और उसके हिसाब से Prediction कर सकता है. लेकिन इसकी आपकी कुछ Memory नहीं है.

जिससे ये अपने Past Move के बारे में याद नहीं रख सकता है जो की ये Future में इस्तेमाल कर सके. ये Possible Moves को Analyse कर सकता है. और इसके खुद की ओर इसके Opponent की ओर फिर ये उस हिसाब से सबसे बेहतर Strategic Move को चुनता है. Deep Blue और Google’s Alpha GO को Narrow Purposes के लिए Design किया गया है ओर इसे आसानी से दूसरे Situations में Apply नहीं किया जा सकता है.

Self-Awareness: – इस Category के अंतर्गत Artificial Intelligence A.I. System की खुद की Self-Awareness होती है, अपनी एक Consciousness होती हैं। Machines जिंका Self-Awareness होती हैं वो अपने Current State समझते हैं और उसी Information को इस्तेमाल कर ये समझते हैं की दूसरे क्या Feel करते हैं. इस प्रकार के AI अभी इस दुनिया मैं मेहजूद नहीं है.

Theory of Mind: – ये एक Psychology Term है. ये एक Hypothetical Concept है. इसमें ये दर्शाता है की दूसरों का अपना Beliefs, Desires and Intentions होता है जो की उनके Decisions मैं Impact डालते हैं. इस प्रकार के A.I. अभी इस दुनिया मैं मौजूद नहीं है।

Artificial Intelligence A.I. Technology के उदाहरण

Automation एक ऐसी प्रक्रिया किस्से की System और Process Function को Automatic कर दिया जाता है. उदाहरण के तोर पे Robotic Process Automation, को Programmed किया जाता है, ताकि वो High Volume, Repeatable Tasks, को आसानी से कर सकें. RPA और IT Automation मैं ए अंतर है की RPA में वो Circumstances के हिसाब से Adapt होता है वहीं IT Automation में ऐसा नहीं होता है.

Machine Learning एक ऐसा विज्ञान है जिस में Computer बिना Programming के काम करता है. Deep Learning Machine Learning का ही एक भाग है जिसमें Predictive Analytics को Automation किया जाता है. Machine Learning के मुख्यत तीन mainly Three Algorithms हैं।

Supervised Learning जहाँ की Data Sets को Patterns कहा जाता है और जिसे की नए Data Sets को Label नहीं किया जाता बल्कि उन्हें Sort किया जाता है उनके समानता और असमानता के आधार पर। तीसरा है Reinforcement Learning, जहाँ Data Sets को Label नहीं किया जाता पर कुछ Action और ज्यादा Action करने के बाद Artificial Intelligence AI System को Feedback दिया जाता है.

Machine Vision एक ऐसा विज्ञान है जिसकी मदद से हम Computer को देखने के काबिल कर सकते हैं.

Machine Vision में Computer Visual Information को Camera की मदद से Capture करते है. और Analyse करती है, इसके साथ साथ Analog To Digital Conversion और Digital Signal भी करती है.

इसके इंसानी आँखों के साथ भी तुलना की जाती है, लेकिन Machine Vision की कोई Limitation नहीं है और ये दीवारों के पार भी देख सकते हैं. इसी लिए इनका काफी इस्तेमाल Medical में भी होता है.

Natural Language Processing (NLP) एक ऐसा Process है जिसमें Computer Program की मदद से किस इंसानी भाषा को Machine के जरिए समझा जाता है. उदहारण के तौर पे आप SPAM Detection को हे ले सकते हैं जिसमें Computer की Program है. ये Decide कर लेता है की कोन से Text Original Email है और कोन से Spam Email है. NLP के कामों में मुख्यत Text Translation, Sentiment Analysis and Speech Recognition में आता है.

Pattern Recognition एक ऐसा Branch है Machine Learning का जो की Data में Patterns को Identify करता है और जिसका इस्तेमाल बाद में Data Analysis में भी होता है.

Robotics एक ऐसा Field है जिसमें की Robots की Design और Manufacturing में ज्यादा Focus किया जाता है. ऐसे काम जो की हम इंसानो के लिए बहुत ही मुश्किल होतें हैं वहां हम Robots को इस्तेमाल में लाते हैं. क्यूंकि वो कठिन से कठिन काम बड़ी आसानी से कर लेते हैं और वो भी बिना किसी गलती के उदहारण की तौर पर हम उनका इस्तेमाल Car Production के Assembly Line में करते हैं.

 Artificial Intelligence (A.I.) Artificial Intelligence (A.I.) के Applications

1.Artificial Intelligence (A.I.) in Business

Robotic Process Automation की मदद से अब Highly Repetitive Tasks को अब Machine के जरिए किया जा रहा है. Machine Learning Algorithms को अब Analytics and CRM Platforms के साथ Integrate किया जा रहा है, जिससे की ये पता चल सके की कैसे Companies अपने Customers को बेहतर मदद कर सके. Chat-Bots को Websites के सकत incorporate किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द Customers को Service दी जा सके.

2. Artificial Intelligence (A.I.) in Education.

Artificial Intelligence (A.I.) Education की मदद से अब Automate Grading किया जा सकता है जिससे की Educators को ज्यादा Time मिल सके बच्चों को पढ़ने में. Artificial Intelligence (A.I.) की मदद से कोई भी छात्र को अच्छी तरह से Inspect किया जा सकता है, क्या उनकी जरुरत है, किन किन Subjects में वो Weak हैं इत्यादि ताकि उस छात्र का सही तरीके से मदद की जा सके. आज कल Artificial Intelligence (A.I.) Tutors की मदद से Students घर बैठे ही चीजों का हल ढूंडले रहे हैं. इससे उनकी पढ़ने में Interest भी काफी बढ़ रही है.

3. Artificial Intelligence (A.I.) in Finance.

Artificial Intelligence (A.I.) in Finance की मदद से Financial Institutions को काफी लाभ मिल रहा है. क्यों की  Companies को पहले Data Analysis में पहले खूब पैसे और समय Invest करना पड़ता था पर अब ऐसा नहीं होता अब तो A.I ही सब कुछ बहुत ही कम ही समय में कर देती है.

3. Artificial Intelligence (A.I.) in Healthcare.

Artificial Intelligence (A.I.) का सबसे बड़ा इस्तेमाल Healthcare Industry में होता है. यहाँ सबसे बड़ा Challenge ये है की कैसे हम Patients का बेहतर इलाज कर सकें और वो भी काम से काम लागत में. इसीलिए अब Companies Artificial Intelligence (A.I.) का इस्तेमाल Hospitals में कर रही है जिससे की बेहतर और जल्दी मरीजों का इलाज सुचारु रूप से हो सके.

ऐसे ही एक बहुत ही Famous Healthcare Technology है और जिसका नाम है IBM Watson. इसके साथ अब कॉमन बिमारियों के लिए Health Assistants भी आ चुके हैं जिसकी मदद से अब आम लोग अपने बिमारियों का इलाज करवा सकते हैं. इन सभी Machine के इस्तेमाल से अब Healthcare Industry में एक बहुत ही बड़ी क्रांति आने वाली है.

4. Artificial Intelligence (A.I.) in LAW.

पहले ये Documents की Processing बहुत ही चिंता पैदा करने वाली काम थी पर अब Artificial Intelligence A.I. के मदद से अब ये Documents की Processing बड़ी आसानी से कर दी जाती है इससे काम बड़े ही Efficient तरीके से चलता है.

5. Artificial Intelligence (A.I.) in Manufacturing.

इस प्रोसेस का इस्तेमाल Manufacturing Industry में भी खूब जोरों से है. Artificial Intelligence (A.I.) manufacturing और हमारा भविष्य मैं दिन ब दिन Artificial Intelligence का इस्तेमाल बढ़ते ही जा रहा है. हम मनुष्य धीरे धीरे ऐसे Machine के ज्यादा आदि बनते जा रहे हैं. हम हमारी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में Artificial Intelligence को और भी ज्यादा शक्तिशाली और ज्यादा Advance कर रहे हैं, ताकि जो काम हमारे लिए कठिन है वो ये हमारे कठिन काम कर सके.

ऐसा होने से हमारे जाने अनजाने में ये Machine और भी ज्यादा ताकतवर बन जा रहे हैं. और इनमें सोचने की शक्ति भी धीरे धीरे बढ़ रही है जिससे ये किसी भी परिस्तिथि में खुद को ढाल सकते हैं और ये हमारे लिए अच्छी बात नहीं है.

वो दिन दूर नहीं जब ये हमारे आदेश का पालन भी न करें और अपने मन मुताबिक ही काम करें. ऐसे में मनुष्य समाज को काफी नुक्सान उठाना पड़ सकता है. ये हमारे सभी Industries में अपना जड़ पहले से ही गाड़ चुके हैं और हम उनके बहुत आदि बन चुके हैं, जिससे उनके बिना हमारा काम हमें करने में भी तकलीफ हो रही है.

सुनने में भले ही ये बात थोड़ा अटपटा लगे लेकिन ये 100% सही है. मेरा मानना ये है की भले ही हम Artificial Intelligence (A.I.) का इस्तेमाल अपने जीवन में अच्छी की लिए करें ये बात ध्यान में रखना बहुत ही जरुरी है की कुछ चीजें जो की Control के ऊपर है उनकी चाबी हमें हमारे पास ही रखनी चाहिए. ताकि समय आने पर हम उसका सही इस्तेमाल कर सकें.                                                                            

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की १५१ वीं जयंती

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Mahatma Gandhi Jayanti Special: आज २ अक्टूबर, आज के दिन ही पुरे भारत में बापूजी की जयंती का उस्तव मनाया जाता है. बापूजी याने हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी (Father Of the Nation Mahatma Gandhi). महात्मा गाँधी के जन्मदिन को गाँधी जयंती(Gandhi Jayanti) के नाम से मनाया जाता हैं. महात्मा गाँधी जी अग्रेजो के खिलाप अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अहिंसा आंदोलन चलाया। इसीलिए उनके जन्मदिन को विश्व अहिंसा के दिन से भी जाना जाता है.

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म २ अक्टूबर १८६९ को भारत, गुजरात राज्य के पोरबंदर जिले में हुआ था. महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी हैं. उनके पिता का नाम करमचंद गाँधी और माँ का नाम पुतलीबाई था. भारत देश को आज़ादी मिलाके देने में एहम भूमिका निभानें वाले मोहनदास करमचंद गांधी आगे चलकर महात्मा गाँधी कहलाए. लोग उन्हें प्यार से “बापू” कहकर भी बुलाते थे.

महात्मा गांधीजी के शिक्षा और नौकरी के बारे में :

४ सितम्बर १८८८ को गाँधी यूनिवर्सिटी कॉलेज लन्दन में कानून की पढ़ाई करने और बैरिस्टर बनने के लिये इंग्लैंड चले गये. वहां अपनी वकीली की शिक्षा पूरी करने के बाद गांधीजी फिरसे भारत में लौटे. भारत में आकर उन्होंने फिरसे एक साल कानून का अभ्यास किया. उसके बाद एक भारतीय फ़र्म में काम करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गये. अफ्रीका में जाने के बाद उन्हें वहां वर्णभेद और जातिभेद का अनुभव किया. दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधीजी को कई बार भेदभाव का भी सामना करना पड़ा.

सन १८९४ में गांधीजी ने नेटाल भारतीय कांग्रेस की स्थापना की. उसके बाद उन्होंने अफ्रीका भारतीयों पे होने वाले अत्याचारों पे अपना ध्यान केंद्रित किया. सन १८९७ में महात्मा गाँधी अपने पत्नी कस्तूरबा गाँधी और बच्चे हरिलाल गाँधी, मणिलाल गाँधी, रामदास गाँधी और देवदास गाँधी को दक्षिण अफ्रीका लेकर गये.

महात्मा गांधीजी का भारतीय स्वातंत्र्य संग्राम में योगदान :

महात्मा गाँधी भारतीय स्वतंतत्रा आंदोलन के प्रमुख एव नेता थे. सन १९०६ में गांधीजीने पहली बार “अहिंसा आंदोलन ” सरकार के पंजीकरण अधिनियम के खिलाप आयोजन किया.

भारत में वापस आने के बाद महात्मा गांधीजी भारतीय स्वातंत्र्य संग्राम में शामिल हुए. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बात करके उसके नेता बने. १९१८ में अंग्रेजोद्वारा बढ़ाये हुए कर का विरोध गांधीजीने किया था. इस घटना को चम्पारण सत्याग्रह और खेड़ा सत्याग्रह भी कहा जाता है.

गांधीजी के नेतृत्व में हुए कुछ संग्राम :

असहयोग आंदोलन : गांधीजी ने असहयोग, अहिंसा तथा शांतिपूर्ण प्रतिकार को अंग्रजो के खिलाप एक शस्त्र के रूप में उपयोग किया। यह आंदोलन गांधीजी के नेतृत्व में चलाया जाने वाला पहला आंदोलन था. यह आंदोलन अंग्रेजो ने लगाए हुए “रॉलेट एक्ट” के खिलाप था.

नमक सत्याग्रह : मार्च १९३० में नमक पर कर लगाए जाने के विरोध में गांधीजीने सत्याग्रह चलाया. जो आज है आज हम “दांडी यात्रा” से भी जानते है.

उसके बाद गांधीजीने कई स्वातंत्र्य संग्रामो में भाग लिया जैसे दलित आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन.

गाँधी जी के सिद्धांत :

सत्य

अहिंसा

शाकाहारी रवैया

सादकी

विश्वास

गाँधी जी ने कहे हुए कुछ सन्देश :

“जब मैं निराश होता हूं तब मैं याद करता हूं कि हालांकि इतिहास सत्य का मार्ग होता है किंतु प्रेम इसे सदैव जीत लेता है। यहां अत्याचारी और हतयारे भी हुए हैं और कुछ समय के लिए वे अपराजय लगते थे किंतु अंत में उनका पतन ही होता है -इसका सदैव विचार करें”

” मृतकों, अनाथ तथा बेघरों के लिए इससे क्या फर्क पड़ता है कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र के पवित्र नाम के नीचे संपूर्णवाद का पागल विनाश छिपा है”

“एक आंख के लिए दूसरी आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी”

“मरने के लिए मैरे पास बहुत से कारण है किंतु मेरे पास किसी को मारने का कोई भी कारण नहीं है “

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